OP Dhankhar बोले, कांग्रेस के पास न तो जनाधार है और न ही कोई ठोस रणनीति
OP Dhankhar बोले, कांग्रेस के पास न तो जनाधार है और न ही कोई ठोस रणनीति

Satya Khabar,Panchkula
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हरियाणा विधानसभा चुनावों में “वोट चोरी” के आरोपों पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने शनिवार को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी द्वारा फोड़ा गया हाईड्रोजन बम अब हरियाणा में भी फुस्स हो गया है।” धनखड़ ने कहा कि राहुल गांधी के पास न तो तथ्यों की जानकारी होती है और न ही उन्हें जमीनी हकीकत की समझ है, इसी कारण वे बार-बार जनता में “टॉय-टॉय फिस्स” हो जाते हैं।
धनखड़ झज्जर में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर निकाली जाने वाली भाजपा की सड़क और पदयात्रा की जानकारी देने पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हर बूथ पर सभी दलों के कार्यकर्ता और एजेंट होते हैं जिन्हें मतदान के दिन पूरी स्थिति की जानकारी होती है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और उनके सहयोगी बिना तैयारी के केवल भ्रम फैलाने का काम करते हैं। अब कांग्रेस के पास न तो जनाधार है और न ही कोई ठोस रणनीति।”
दीपेंद्र पर पलटवार
दीपेंद्र हुड्डा द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर धनखड़ ने कहा कि यह कांग्रेस की हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा, “जब हार का सामना करना पड़ता है, तो कांग्रेस समीक्षा के नाम पर दूसरों पर आरोप लगाकर अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश करती है।”
बीरेंद्र डूमरखां पर साधा निशाना
बीरेंद्र डूमरखां के “भाजपा में गूंगों की फौज” वाले बयान पर धनखड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है जहाँ नीचे से ऊपर तक हर कार्यकर्ता की बात सुनी जाती है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “दूसरी पार्टियों में केवल परिवारवाद चलता है, जनता और कार्यकर्ताओं से कोई सरोकार नहीं।”
पटेल जयंती पर झज्जर में पदयात्राएं
धनखड़ ने बताया कि भाजपा 10 और 11 नवंबर को झज्जर जिले में सड़क और पदयात्राओं का आयोजन करेगी। 10 नवंबर को यात्रा महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम से धौड़ गांव तक और 11 नवंबर को बूपनिया गांव से मांडौठी गांव तक निकलेगी। इन यात्राओं का उद्देश्य युवाओं को सरदार पटेल के जीवन, एकता और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों से परिचित कराना है। धनखड़ ने कहा, “भाजपा की प्रेरणा सत्ता नहीं, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है, जैसा सरदार पटेल ने दिखाया था।”